G = 1 − 1/9 + 1/25 − 1/49 + … = Σ (−1)ⁿ/(2n+1)². यह वैकल्पिक श्रेणी धीरे-धीरे अभिसरित होती है। G का अपरिमेय होना अब भी अज्ञात है।
कैटलान नियतांक G = 1 - 1/9 + 1/25 - 1/49 + ... = 0.91596559... है। यह अपरिमेय है या नहीं, यह गणित की बड़ी खुली समस्याओं में से एक है। यह संयोजनशास्त्र, कुछ समाकलों के मान निकालने, और 2 पर डिरिख्ले बीटा फलन के मान के रूप में दिखाई देता है। यूजीन कैटलान ने 1865 में इसका अध्ययन किया था। इसे 600 अरब से अधिक दशमलव अंकों तक निकाला जा चुका है।